एक्सट्रूडेड ऐक्रेलिक :
एह प्रकार के ऐक्रेलिक के निर्माण एक्सट्रूजन प्रक्रिया के इस्तेमाल से कइल जाला। ई अधिका सस्ती होला बाकी मोटाई में मामूली बदलाव हो सके ला आ हो सके ला कि कास्ट ऐक्रेलिक नियर ऑप्टिकल क्लियरिटी ना होखे। ई सामान्य प्रयोजन के अनुप्रयोग खातिर उपयुक्त बा।
कास्ट ऐक्रेलिक:
कास्टिंग प्रक्रिया के माध्यम से पैदा होखे वाला कास्ट ऐक्रेलिक के बेहतर ऑप्टिकल क्लियरिटी आ क्वालिटी खातिर जानल जाला। एकरा में आंतरिक तनाव कम होखेला, जवना के चलते एकरा में दरार आवे के संभावना कम होखेला। आमतौर पर एकर इस्तेमाल साइनेज, डिस्प्ले, आ आर्ट इंस्टालेशन नियर हाई-एंड एप्लीकेशन सभ खातिर होला।
रंगीन ऐक्रेलिक :
ऐक्रेलिक शीट के रंग के बिसाल रेंज हासिल करे खातिर पिगमेंटेड कइल जा सके ला। ई प्रकार सजावटी काम, साइनेज, आ कलात्मक प्रोजेक्ट सभ खातिर लोकप्रिय बा।
मिरर ऐक्रेलिक : एह प्रकार के एक ओर आईना वाला सतह होखेला, जवन कि रिफ्लेक्टिव इफेक्ट देवेला। एकर इस्तेमाल अक्सर सजावटी एप्लीकेशन, डिस्प्ले आ साइनेज में होला।